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Saturday, 22 October 2011

दिल के ज़ज्बात यूँ दिखे हर सू ...



दिल के ज़ज्बात यूँ दिखे हर सू 
लोग हंस कर गले मिले हर सू 

आज भी है सवाल, सहरा में
आब ही आब क्यूँ दिखे हर सू

ज़िंदगी मुस्करा नहीं पाती 
चश्मे नम लोग दिख रहे हर सू 

कोई हैवान क्यूँ बना होगा
नेक इंसान पूछते हर सू

ख्वाहिशें बढ़ गयी हैं अब इतनी
आज ईमान बिक रहे हर सू


दिल कई आज रात टूटे हैं 
लोग अफ़सूरदा दिखे हर सू 

गुम कहाँ हो गयी मुहब्बत सब 
आज दिखते हैं दिलजले हर सू 


दुःख भरे दिन तो बीतने ही थे 
दीप खुशियों के जल उठे हर सू

Wednesday, 19 October 2011

आज फिर कोई तारा टूटा है ...मिल अंधेरों ने आसमान लूटा है ..

किसी दिन ऐसा बिका ...की फिर मशहूर हो गया ...
तनहा दीवार पर टंगा...मानो मजबूर हो गया ...
सितारा बोलते थे उसे ...और पोस्टर बना डाला ...
कांपते हाथों ने ...फिर किसी सर्दी जला डाला ...
आज फिर कोई तारा टूटा है ...मिल अंधेरों ने आसमान लूटा है ...

                        ~Basant~

Friday, 14 October 2011

एक अजनबी....

एक अजनबी
एक अजनबी से मुलाकात हो गयी ,
बातों ही बातों में हर बात हो गई,
कुछ उसने कही कुछ हमने कही,
पहचान हमारी कुछ यूँ हो गई ,
अब उसकी यादे भी साथ हो गई,
एक अजनबी से मुलाकात हो गई.....
सिलसिला बातों का ये चलता रहा,
दिल उनके लिए ये मचलता रहा,
अब ख़ास उनकी हर बात हो गई,
एक अजनबी से मुलाकात हो गई....
ना जाने ये कैसी मुलाकात थी,
सबसे जुदा उनमे कुछ बात थी,
आँखों ही आँखों में रात हो गई,
एक अजनबी से मुलाकात हो गई....
हर शाम को सपने सजाते हम ,
उनकी बातों में खुद को भुलाते हम,
इंतज़ार की अब इन्ताहात हो गई,
एक अजनबी से मुलाकात हो गई....